माउंट आबू का गौमुख: जहाँ गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम को दी थी शिक्षा

माउंट आबू (राजस्थान)। अरावली पर्वतमाला की गोद में स्थित गौमुख केवल एक प्राकृतिक तीर्थ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा का अद्वितीय प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि यहीं महर्षि गुरु वशिष्ठ के आश्रम में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न ने अपने जीवन की प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार प्राप्त किए थे।

प्राचीन काल में गौमुख क्षत्रियों की शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता था। इसी कारण गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशभर से श्रद्धालु और पर्यटक इस पावन स्थल पर पहुँचकर अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

आश्रम परिसर में स्थित गुरु वशिष्ठ मंदिर और पवित्र राम कुंड विशेष आकर्षण हैं। लोकमान्यता है कि राम कुंड का जल वर्षभर कभी नहीं सूखता। कहा जाता है कि इसी तपोभूमि पर गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम को वेद, धर्म, नीति और आदर्श राजधर्म की शिक्षा प्रदान की थी।

पौराणिक परंपराओं के अनुसार, गौमुख में महर्षि वशिष्ठ द्वारा संपन्न अग्निकुंड यज्ञ से राजपूत वंशों की उत्पत्ति का उल्लेख भी मिलता है, जिससे यह स्थान इतिहास, आस्था और भारतीय विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र बन जाता है।

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