उन्होंने कहा
कि आज ओजोन
संरक्षण को जलवायु परिवर्तन से
जोड़कर देखने की
आवश्यकता है। बढ़ते तापमान
और शीतलन की
बढ़ती मांग के
बीच ऊर्जा दक्ष
एवं पर्यावरण अनुकूल
तकनीकों को अपनाना समय
की सबसे बड़ी
आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों, युवाओं,
शिक्षकों, उद्योग जगत और
आमजन से पर्यावरण संरक्षण को
जनआंदोलन बनाने का आह्वान
किया।
मुख्य
सचिव ने कहा
कि मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल वैश्विक पर्यावरणीय सहयोग
की एक प्रेरक
सफलता है और
ओजोन दिवस का
संदेश केवल एक
दिवस तक सीमित
न रहकर प्रत्येक नागरिक
की जीवनशैली का
हिस्सा बनना चाहिए।
सतत शीतलन ही भविष्य का मार्ग
राजस्थान राज्य
प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्षा श्रीमती अपर्णा
अरोरा ने कहा
कि ओजोन परत
का संरक्षण मानव
स्वास्थ्य, पारिस्थितिकी तंत्र और आने
वाली पीढ़ियों के
भविष्य से सीधे
जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते
तापमान के दौर
में ऊर्जा दक्ष
तथा पर्यावरण अनुकूल
शीतलन तकनीकों को
बढ़ावा देना समय
की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया
कि मंडल पर्यावरण संरक्षण के
साथ-साथ जन-जागरूकता को भी प्राथमिकता दे
रहा है तथा
उद्योगों और नागरिकों को
पर्यावरण हितैषी विकल्प अपनाने
के लिए प्रोत्साहित किया
जा रहा है।
जनभागीदारी से मिलेगा पर्यावरण संरक्षण को बल
अतिरिक्त मुख्य
सचिव (वन एवं
पर्यावरण) श्री आनंद कुमार
ने कहा कि
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल यह सिद्ध करता
है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग
और निरंतर प्रतिबद्धता से
बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों का
समाधान संभव है।
राज्य
स्तरीय कार्यशाला को
संबोधित करते हुए पर्यावरण सचिव
श्रीमती शैलजा देवल ने
कहा कि जलवायु
परिवर्तन, जैव विविधता और
प्रदूषण का प्रभाव लगातार
बढ़ रहा है।
उन्होंने ऊर्जा दक्षता, रिसाइक्लिंग तथा
जल संरक्षण को
पर्यावरणीय जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण आधार
बताया।
विशेषज्ञों ने साझा किए सतत शीतलन के समाधान
कार्यशाला में
एसआरएफ लिमिटेड, भिवाड़ी के
सहायक उपाध्यक्ष (पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं
सुरक्षा) श्री मुकेश किरार
ने ओजोन परत
को नुकसान पहुंचाने वाले
पदार्थों तथा उनके नियंत्रण पर
जानकारी दी।
वहीं
डाइकिन एयरकंडीशनिंग इंडिया
प्रा. लि., नीमराना के
प्रबंधक (पर्यावरण एवं स्थायित्व) श्री
शिवदीप सिंह ने
ऊर्जा दक्ष शीतलन
तकनीकों, पर्यावरण अनुकूल प्रशीतकों और
सतत शीतलन समाधानों की
आवश्यकता पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
विश्व ओजोन दिवस 2026 की थीम
“शीतल ग्रह
के लिए वैश्विक कार्यवाही”
Global Action for a Cooler Planet
कार्यक्रम में यह संदेश
दिया गया कि
ओजोन संरक्षण केवल
सरकारी विभागों या
विशेषज्ञों का विषय नहीं,
बल्कि प्रत्येक नागरिक
का साझा दायित्व है।
ऊर्जा बचत, पर्यावरण अनुकूल
उपकरणों का चयन, उचित
रखरखाव और जिम्मेदार जीवनशैली जैसे
छोटे कदम सामूहिक रूप
से बड़े पर्यावरणीय परिवर्तन का
आधार बन सकते
हैं।
उपस्थित प्रमुख अधिकारी
कार्यक्रम में
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल
के मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री
प्रेमालाल, श्री विष्णु दत्त
पुरोहित, मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी श्रीमती शीबा,
अतिरिक्त पर्यावरण अभियंता श्री भुवनेश माथुर
सहित मंडल के
अधिकारी, विशेषज्ञ, औद्योगिक प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या
में प्रतिभागी उपस्थित रहे।
