रायपुर, 12 अक्टूबर। नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित शान्ति शिखर भवन में सजाई गई चैतन्य देवियों की झांकी का शुभारंभ सोमवार को दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर नगरीय निकाय के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चन्दन कुमार, 155 इन्फेंट्री बटालियन के कर्नल राजकुमार बिश्नोई, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी और ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी उपस्थित रहीं।
आध्यात्मिकता से मिल सकता है जीवन की समस्याओं का समाधान : सोनमणि बोरा
नगरीय
निकाय के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने चैतन्य देवियों की झांकी की सराहना करते हुए
कहा कि यह अत्यंत दर्शनीय और जीवंत है। राजयोग का अभ्यास कर रहीं ब्रह्माकुमारी
बहनों को एकटक निहारना अद्भुत अनुभव है, जो मेडिटेशन के माध्यम से संभव होता है।
उन्होंने
कहा कि आदि शक्ति को सृष्टि की अधिष्ठात्री माना जाता है। झांकी में मां दुर्गा के
नौ रूपों को एक साथ देखकर उन्हें प्रसन्नता हुई। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रस्तुत
आध्यात्मिक संदेश की सराहना करते हुए कहा कि जीवन की विभिन्न समस्याओं का समाधान
आध्यात्मिकता के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।
नारी शक्ति के महत्व को दर्शाती है झांकी : चन्दन कुमार
नवा
रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चन्दन कुमार ने कहा कि झांकी
के माध्यम से नारी शक्ति के अस्तित्व और महत्व को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया
है। उन्होंने इसे अविस्मरणीय अनुभव बताते हुए आयोजन की सराहना की।
चैतन्य देवियों के दर्शन को बताया अलौकिक अनुभव
155
इन्फेंट्री बटालियन के कर्नल राजकुमार बिश्नोई ने कहा कि नवरात्रि के पहले ही दिन
इतनी सुंदर चैतन्य झांकी के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने इस
अनुभव को अलौकिक बताया।
प्रतिवर्ष नवरात्रि पर सजाई जाती है झांकी
रायपुर
संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने बताया कि शान्ति शिखर भवन में प्रतिवर्ष
नवरात्रि के अवसर पर चैतन्य देवियों की झांकी सजाई जाती है। चैतन्य स्वरूप में
प्रस्तुत होने के कारण यह झांकी लोगों को विशेष रूप से आकर्षित करती है।
उन्होंने
बताया कि झांकी 20 अक्टूबर 2026 तक आमजन के दर्शनार्थ खुली रहेगी। श्रद्धालु
प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक शान्ति शिखर, सेक्टर-20, नवा रायपुर में चैतन्य
देवियों के दर्शन कर सकेंगे।
आध्यात्मिकता और नारी शक्ति का प्रेरक संगम
ब्रह्माकुमारीज़
की यह पहल नवरात्रि के धार्मिक महत्व के साथ राजयोग, ध्यान और आध्यात्मिक जीवनशैली
का संदेश देती है। चैतन्य देवियों की झांकी के माध्यम से श्रद्धालुओं को नारी
शक्ति के सम्मान, आंतरिक शांति और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा
मिलती है।

