13 से 20 अक्टूबर तक केके स्क्वायर मॉल
में होगा आयोजन, जनजातीय उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा
जयपुर, 13 अक्टूबर। जनजातीय कला, संस्कृति, पारंपरिक शिल्प और स्थानीय उत्पादों को
प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जयपुर में ‘आदि बाजार’ का आयोजन किया जा रहा है। भारत
सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ
(ट्राइफेड) की ओर से आयोजित यह बाजार 13 से 20 अक्टूबर 2026 तक सी-स्कीम स्थित केके
स्क्वायर मॉल में चलेगा। मंगलवार को राजस्थान उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के महासचिव
दीपेश शर्मा ने फीता काटकर बाजार का उद्घाटन किया।
जनजातीय
उत्पादों को मिलेगा व्यापक बाजार
उद्घाटन अवसर पर दीपेश शर्मा ने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ के आह्वान और वन धन योजना जैसी पहलों
का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना तथा जनजातीय समुदायों को आर्थिक रूप
से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन जनजातीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने
और कारीगरों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते
हैं। आदि बाजार के माध्यम से जनजातीय समुदायों के वन धन उत्पादों, पारंपरिक हस्तशिल्प
और अन्य स्थानीय वस्तुओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
जनजातीय
कारीगरों की आत्मनिर्भरता पर जोर
ट्राइफेड की क्षेत्रीय प्रबंधक मोनिका
चौधरी ने बताया कि आदि बाजार का प्रमुख उद्देश्य जनजातीय समुदायों के कारीगरों और शिल्पियों
को उनके वन धन एवं अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम
से उन्हें अपने हुनर और पारंपरिक कला को व्यापक बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
संस्कृति,
शिल्प और आजीविका का संगम
आदि बाजार केवल उत्पादों की खरीद-बिक्री
का मंच नहीं, बल्कि जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हुनर और
उद्यमशीलता को सामने लाने का अवसर भी है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय उत्पादों के प्रति
लोगों की रुचि बढ़ाने तथा जनजातीय कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में
सकारात्मक प्रयास किए जा सकते हैं।
जयपुर में 13 से 20 अक्टूबर तक आयोजित
होने वाला यह बाजार जनजातीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने और ‘लोकल फॉर वोकल’ की भावना
को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा।


