मानसरोवर में कर्मयोग रिट्रीट का शुभारंभ : मंत्री मंजू बाघमार बोलीं - अधिकार पद से मिलता है, सम्मान आचरण से

  • कर्मयोग से प्रशासनिक उत्कृष्टता की ओर, मानसरोवर में चार दिवसीय रिट्रीट एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

  • प्रशासन में नैतिकता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता जरूरी : डॉ. मंजू बाघमार 

  • देशभर सहित नेपाल से पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रतिभागी

मानसरोवर, आबू रोड। ब्रह्माकुमारी संस्था के मानसरोवर परिसर में प्रशासनिक प्रभाग की ओर से 30 अक्टूबर को ‘कर्मयोग से प्रशासनिक उत्कृष्टता’ विषय पर चार दिवसीय रिट्रीट एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के साथ नेपाल से भी आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रशासनिक कार्यों में नैतिकता, कार्यकुशलता, मानवीय मूल्यों और आध्यात्मिक दृष्टिकोण के समन्वय पर मंथन किया गया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर राजस्थान सरकार की पीडब्ल्यूडी मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि मानसरोवर परिसर में आकर उन्हें जिस आध्यात्मिक शांति की अनुभूति हुई है, उसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रशासन के उद्देश्य, प्रशासकों के व्यक्तित्व और उनके निर्णयों में निहित मानवीय मूल्यों पर चिंतन करने का महत्वपूर्ण अवसर है। भारतीय संस्कृति में कर्म को केवल दायित्व निर्वहन नहीं, बल्कि समाज कल्याण और लोकमंगल का माध्यम माना गया है।

Mansarovar Abu Road Karmayog Retreat Deep Prajwalan PWD Mantri Manju Baghmar Avdhesh Pratap Singh BK Karuna Bhai
मानसरोवर, आबू रोड में ‘कर्मयोग से प्रशासनिक उत्कृष्टता’ विषय पर चार दिवसीय रिट्रीट का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ करतीं राजस्थान सरकार की पीडब्ल्यूडी मंत्री डॉ. मंजू बाघमार। साथ में हैं मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह, ब्रह्माकुमारी संस्था के महासचिव बीके करुणा भाई, बीके पूनम दीदी सहित अन्य वरिष्ठ अतिथि।

नैतिकता और संवेदनशीलता से आती है प्रशासनिक उत्कृष्टता

उन्होंने कहा कि एक प्रशासक की वास्तविक उत्कृष्टता उसकी कार्यकुशलता के साथ निष्पक्षता, संवेदनशीलता, नैतिकता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता में निहित है। कर्मयोग हमें सिखाता है कि अधिकार पद से मिलता है, लेकिन सम्मान आचरण से अर्जित होता है। प्रशासन में व्यक्तिगत हित के बजाय सार्वजनिक हित, पारदर्शिता और निष्काम सेवा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने अपने 25 वर्षों के अध्यापन अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन की वास्तविक सफलता नियमों और संसाधनों से अधिक उसे संचालित करने वाले लोगों की सोच एवं कार्यसंस्कृति पर निर्भर करती है।

Rajasthan PWD Mantri Dr Manju Baghmar Mansarovar Abu Road Karmayog Retreat Me Sambodhan
राजस्थान सरकार की पीडब्ल्यूडी मंत्री डॉ. मंजू बाघमार मानसरोवर, आबू रोड में 'कर्मयोग से प्रशासनिक उत्कृष्टता' विषय पर आयोजित रिट्रीट में संबोधित करते हुए।

तकनीक के साथ मानवीय दृष्टिकोण भी जरूरी

डॉ. बाघमार ने कहा कि किसी समाज की प्रगति का वास्तविक मापदंड उसके वंचित व्यक्ति को मिलने वाले अवसर हैं। इसलिए प्रशासन में सामाजिक न्याय, लैंगिक संवेदनशीलता और समावेशी विकास को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। डिजिटल गवर्नेंस और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस दौर में तकनीक प्रशासन को तेज एवं पारदर्शी बना सकती है, लेकिन मानवीय संवेदनाओं का विकल्प नहीं बन सकती।

Mansarovar Karmayog Retreat me bhag leti Behane - Mahila Prashasanik Adhikari
चार दिवसीय रिट्रीट एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहीं महिला प्रशासनिक अधिकारी एवं बहनें।

प्रशासनिक उत्कृष्टता के लिए बताए पांच संकल्प

डॉ. बाघमार ने ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से आत्मचिंतन, सकारात्मक चिंतन और मूल्य आधारित जीवनशैली के माध्यम से व्यक्तित्व विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रशासनिक उत्कृष्टता के लिए पांच संकल्पों पर विशेष जोर दिया। इनमें कर्तव्यनिष्ठा, नैतिक नेतृत्व, संवेदनशील प्रशासन, निरंतर आत्मविकास और राष्ट्र निर्माण के संकल्प शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक उत्कृष्टता कोई अंतिम उपलब्धि नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली साधना है, जिसमें ज्ञान मार्गदर्शक, नैतिकता आधार, संवेदनशीलता शक्ति और कर्मयोग प्रेरणा है।

समाज में पारिवारिक एवं नैतिक मूल्यों का क्षरण चिंताजनक : अवधेश प्रताप सिंह

मध्यप्रदेश, भोपाल से आए मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि समाज में नैतिक एवं पारिवारिक मूल्यों का लगातार क्षरण चिंता का विषय है। इसका प्रभाव प्रशासन पर भी पड़ता है, क्योंकि प्रशासक भी इसी समाज से आते हैं और उन्हें कई बार दबाव, प्रभाव, लोभ एवं तनाव के बीच कार्य करना पड़ता है।

Mansarovar Karmayog Retreat me bhag lete Bhai - Prashasanik Adhikari Abu Road
मानसरोवर परिसर में 'कर्मयोग से प्रशासनिक उत्कृष्टता' रिट्रीट के दौरान मौजूद प्रशासनिक अधिकारी एवं भाई।

उन्होंने कहा कि पहले परिवार और समाज आपसी विवादों को मिल-बैठकर सुलझा लेते थे, लेकिन आज ऐसे मामले भी आयोग तक पहुंच रहे हैं। यहां तक कि माता-पिता को अपने बच्चों से भरण-पोषण का अधिकार पाने के लिए आयोग में आवेदन करना पड़ रहा है। यह हमारी पारिवारिक और सांस्कृतिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता है।

कर्मयोग आधुनिक प्रशासन को देता है नैतिक दिशा

श्री सिंह ने कहा कि कर्मयोग गीता से प्राप्त एक दिव्य अवधारणा है। इसका उद्देश्य आधुनिक प्रशासन में नैतिकता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता को मजबूत बनाना है। प्रशासनिक व्यवस्था में कर्मयोग की भावना अपनाकर जनसेवा को अधिक प्रभावी और मूल्यनिष्ठ बनाया जा सकता है।

ब्रह्माकुमारी संस्था दे रही आध्यात्मिक शिक्षा : बीके करुणा भाई

ब्रह्माकुमारी संस्था के महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि संस्था आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान कर रही है। संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा ने इसे विद्यालय का स्वरूप देते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय नाम दिया। उन्होंने कहा कि सामान्य शिक्षा के साथ आध्यात्मिक ज्ञान भी जीवन में आवश्यक है।

Brahmakumaris Secretary General BK Karuna Bhai Mansarovar Abu Road Karmayog Retreat
ब्रह्माकुमारी संस्था के महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई मानसरोवर, आबू रोड में 'कर्मयोग से प्रशासनिक उत्कृष्टता' रिट्रीट में आध्यात्मिक शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए।

अपने जीवन का एक प्रसंग साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 1960 में पहली बार संस्था में आने पर उनकी मुलाकात दादी हृदयपुष्पा जी से हुई। जब उन्होंने पूछा कि यहां क्या किया जाता है, तो दादी जी ने बताया कि वे परमात्मा को याद करते हैं। इस पर उन्होंने पूछा कि किस परमात्मा को याद करते हैं? तब दादी जी ने उन्हें समझाया कि ईश्वर एक ही है। बीके करुणा भाई ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान मनुष्य को ईश्वर की सही पहचान और जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने का मार्ग दिखाता है।

अनेक वरिष्ठ अतिथियों ने साझा किए विचार

कार्यक्रम में प्रशासनिक प्रभाग की वाइस चेयरपर्सन राजयोगिनी बीके पूनम दीदी, जम्मू-कश्मीर से आए आईआरएस एवं सीजीएसटी कमिश्नर महेश भारद्वाज, कर्नाटक से प्रशासनिक प्रभाग की क्षेत्रीय संयोजिका बीके वीणा दीदी, कोलकाता में नेपाल के कौंसल जनरल झाका प्रसाद आचार्य, प्रशासनिक प्रभाग की अतिरिक्त राष्ट्रीय संयोजिका बीके उर्मिला दीदी तथा राष्ट्रीय संयोजक बीके हरीश भाई ने भी अपने विचार रखे।

Mansarovar Abu Road Karmayog Retreat Manch - Manju Baghmar Avdhesh Singh BK Karuna Bhai BK Poonam Didi
मानसरोवर, आबू रोड में आयोजित 'कर्मयोग से प्रशासनिक उत्कृष्टता' विषयक चार दिवसीय रिट्रीट के मंच पर मौजूद राजस्थान की पीडब्ल्यूडी मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह, महासचिव बीके करुणा भाई, बीके पूनम दीदी, आईआरएस कमिश्नर महेश भारद्वाज सहित अन्य वक्तागण।

बीके शैलेष भाई ने किया आभार, बीके रीना दीदी ने किया संचालन

कार्यक्रम के अंत में गोधरा से आए बीके शैलेष भाई ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन भोपाल की प्रशासनिक प्रभाग की जोनल संयोजिका बीके रीना दीदी ने किया।

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