शांतिवन वैश्विक शिखर सम्मेलन: अध्यात्म, राजनीति की हस्तियों ने दिया विश्व शांति का संदेश

शांतिवन में प्लेनरी सेशन में देश-विदेश की हस्तियों ने रखे विचार, मानवता, शांति, पवित्रता और सेवा को बताया विश्व परिवर्तन का आधार

अरुणाचल प्रदेश के गृहमंत्री मामा नटुंग, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान और पूर्व राजदूत दीपक वोहरा सहित कई गणमान्य हुए शामिल

आबू रोड, राजस्थान, 25-10-26 । ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में आयोजित चार दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन के प्लेनरी सेशन में अध्यात्म, राजनीति, व्यापार, चिकित्सा और प्रशासनिक सेवा से जुड़ी देश-विदेश की प्रतिष्ठित हस्तियों ने विश्व नवनिर्माण के लिए आध्यात्मिक जागृति को आवश्यक बताते हुए अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए आध्यात्मिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और सकारात्मक जीवनशैली को अपनाना समय की आवश्यकता है।

Global Summit Plenary Session 1 Stage All Chief Guests Brahma Kumaris Shantivan 90 Years Celebration
ब्रह्माकुमारीज के 90 वर्ष पूर्ण होने पर शांतिवन में आयोजित वैश्विक शिखर सम्मेलन के प्लेनरी सेशन - 1 में मंच पर उपस्थित हैं सभी मुख्य अतिथि

भारत की आध्यात्मिक विरासत में विश्व की समस्याओं का समाधान: मामा नटुंग

अरुणाचल प्रदेश के गृहमंत्री एवं अंतर्राज्यीय सीमा मामलों के मंत्री मामा नटुंग ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा ने सदियों तक विश्व का मार्गदर्शन किया है। नालंदा जैसे विश्वविद्यालय भारत की समृद्ध शैक्षणिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया अनेक समस्याओं से जूझ रही है और ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान आध्यात्मिक ज्ञान एवं सकारात्मक जीवनशैली के माध्यम से समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है।

आध्यात्मिकता मानवता और विश्व कल्याण के लिए अनिवार्य: संजय पासवान

पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान ने कहा कि वे बुद्ध, महावीर और जनक की धरती बिहार से आए हैं और पिछले 25 वर्षों से ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक होना केवल व्यक्तिगत जीवन के लिए ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज, देश, दुनिया और संपूर्ण मानवता के लिए भी आवश्यक है। हम सभी का साझा लक्ष्य मानवता की रक्षा और बेहतर विश्व का निर्माण होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की 90 वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा ने भारतीय मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में योगदान दिया है। देश के दूर-दराज क्षेत्रों तक संस्थान की सेवाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि संस्थान के श्रेष्ठ गुणों और मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर समाज को बेहतर बनाने में योगदान दें।

सशक्त भारत की आवाज आज पूरी दुनिया सुन रही है: दीपक वोहरा

भारतीय विदेश सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं पूर्व राजदूत दीपक वोहरा ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और सामर्थ्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज भारत की आवाज को दुनिया गंभीरता से सुनती है। भारत के पास विशाल युवा शक्ति और विद्यार्थी समुदाय है, जो देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में भारत की क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश वैश्विक खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने की सामर्थ्य रखता है।

सेवा, सरलता और पवित्रता से होगा समाज का नवनिर्माण

वाराणसी से आईं श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा की महामंडलेश्वर मुक्तेश्वरी गिरि महाराज ने कहा कि सेवा से बड़ा कोई कर्म नहीं और सरलता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। सेवा, सरलता और समर्पण ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने राष्ट्रसेवा को सभी का साझा उद्देश्य बताया।

बेंगलुरु के विधायक दिनेश गुंडु राव ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान में आकर उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें यहां पहले ही आ जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि संस्थान पवित्रता का प्रतिनिधित्व करता है और मानवता, प्रेम, शांति तथा सद्भाव का संदेश फैलाने के लिए कार्य करता है।

राजयोग से बढ़ती है एकाग्रता और आंतरिक शक्ति

पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी, उदयपुर के न्यूरोसाइंसेज विभाग के कंसल्टेंट इंटरवेंशनल न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अतुलाभ बाजपेयी ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है और व्यक्ति आंतरिक सुख एवं शांति का अनुभव कर सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि स्वयं को स्वस्थ बनाएं, परिवार को सुखी रखें और राष्ट्र को सशक्त बनाने में योगदान दें।

ब्रह्माकुमारीज़ ऑस्ट्रेलिया एवं एशिया के रीजनल डायरेक्टर ब्रह्माकुमार चार्ली हॉग ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लंदन में ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के संपर्क में आने से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन को भारत की ओर से विश्व को दिया गया महान उपहार बताया।

जयपुर की निदेशिका राजयोगिनी सुषमा दीदी ने राजयोग साधना के माध्यम से उपस्थित लोगों को गहन शांति की अनुभूति कराई। उन्होंने कहा कि मेडिटेशन का अर्थ स्वयं को जानना और परमपिता परमात्मा से संबंध जोड़ना है। राजयोग सहज विधि से मन को शांत करने और आंतरिक शक्ति बढ़ाने का माध्यम है।

तीन वर्षों में आठ करोड़ लोगों ने ली नशामुक्ति की शपथ

मेडिकल विंग के सचिव डॉ. बनारसीलाल शाह ने स्वागत भाषण में संस्थान की 90 वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने लोगों से अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाने और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान ने पिछले तीन वर्षों में देशभर में आठ करोड़ लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई है।

पर्वतारोही डॉ. मनस्वी अग्रवाल का विशेष सम्मान

कार्यक्रम में माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली महिला के रूप में उल्लेखित सुप्रसिद्ध पर्वतारोही डॉ. मनस्वी अग्रवाल का विशेष सम्मान किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल, दिल्ली खादी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक वीर सिंह ढिंगन, टांगरी इंश्योरेंस एंड फाइनेंशियल ग्रुप कनाडा के अध्यक्ष अश्विनी टांगरी, लोढ़ा फाउंडेशन मुंबई की चेयरमैन मंजू लोढ़ा, राजस्थान सरकार के कृषि एवं पंचायती राज विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल, एंकर पीनाज त्यागी, एमएस जय भारत स्पाइसेस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक-अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ पांडा, उद्योगपति राधेश्याम भाई तथा सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय, गंगटोक के कुलपति प्रो. सांतनु कुमार स्वैन सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे और उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए।

Welcome Dance Brahma Kumaris Global Summit Shantivan Abu Road Girls Performing Stage
शांतिवन में आयोजित वैश्विक शिखर सम्मेलन के दौरान अतिथियों के स्वागत में कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया स्वागत नृत्य

कार्यक्रम का संचालन जयपुर की बीके चंद्रकला दीदी ने किया।
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