महाराजा अग्रसेन जयंती पर महालक्ष्मी और महाराजा अग्रसेन की चैतन्य झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, 20 हजार से अधिक लोगों ने किए दर्शन
इंदौर, 11 अक्टूबर। महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव के अवसर पर इंदौर में माँ
महालक्ष्मी और महाराजा अग्रसेन जी की चैतन्य झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का
प्रमुख केंद्र बनी। अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति, इंदौर द्वारा आयोजित इस महोत्सव
में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, छावनी केंद्र की ओर से
प्रस्तुत झांकी ने आध्यात्मिकता, सामाजिक एकता और जनकल्याण का प्रेरणादायी संदेश
दिया। आयोजकों के अनुसार, झांकी के दर्शन के लिए 20 हजार से अधिक समाजजन पहुंचे।
आध्यात्मिकता और सामाजिक सहयोग का दिया संदेश
नवरात्रि के प्रथम दिन आयोजित इस
कार्यक्रम में माँ महालक्ष्मी के दिव्य स्वरूप के माध्यम से सुख-समृद्धि, पवित्रता
और शुभता का संदेश प्रस्तुत किया गया। वहीं, महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों को
दर्शाती झांकी ने समाज में परस्पर सहयोग, समानता और जनकल्याण की भावना को सशक्त
रूप से अभिव्यक्त किया।
महाराजा अग्रसेन जी का प्रसिद्ध ‘एक
ईंट, एक रुपया’ का सिद्धांत सामाजिक सहयोग और सामूहिक उत्थान की प्रेरणा देता
है। इस सिद्धांत के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता करने, समाज के प्रत्येक वर्ग
को साथ लेकर चलने और समरसता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ ब्रह्माकुमारी
कुसुम बहन, छाया दीदी एवं मधु दीदी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर
अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति के अध्यक्ष श्री प्रेम गोयल सहित शहर के अनेक वरिष्ठ
समाजसेवी उपस्थित रहे।
भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की प्रेरक प्रस्तुति
माँ महालक्ष्मी और महाराजा अग्रसेन जी
की चैतन्य झांकी ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय
मूल्यों का संदेश दिया। इस आयोजन ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चिंतन और
समाजसेवा के आदर्शों को एक मंच पर प्रस्तुत किया।
ब्रह्माकुमारीज़ की इस प्रस्तुति के
माध्यम से श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि के साथ पवित्र विचारों, आपसी सहयोग और समाज
के कल्याण की भावना अपनाने की प्रेरणा मिली।
Title English: Brahma Kumaris’ Living Tableau Draws Crowds on Maharaja Agrasen Jayanti in Indore

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