रक्तदान से जीवनदान तक: राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर ब्रह्माकुमारीज सहित अनेक सेवा संस्थाओं का सम्मान

 नई दिल्ली, 1 अक्टूबर। एक बूंद रक्त किसी के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगा सकती है और किसी परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौटा सकती है। इसी मानवीय भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस 2026 के अवसर पर नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC) के स्वर्ण जयंती सभागार में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों को सम्मानित किया गया, जिनमें ब्रह्माकुमारीज भी शामिल रही।
Brahma Kumaris and Service Organisations Honoured on National Voluntary Blood Donation Day

कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विसेज डिवीजन द्वारा लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों के सहयोग से किया गया। इस वर्ष की थीम रही— “One Drop of Humanity. Give Blood. Save Lives.”

कार्यक्रम की अध्यक्षता नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. एम. श्रीनिवास ने की। उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. लोवनीश जी. कृष्ण, LHMC की निदेशक डॉ. हिमानी अहलूवालिया, स्वास्थ्य सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विशेषज्ञ, चिकित्साकर्मी, राज्य रक्त आधान परिषदों के प्रतिनिधि, रक्त केंद्रों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा स्वैच्छिक रक्तदाता उपस्थित रहे।


नियमित रक्तदान के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि देश में पर्याप्त और सतत रक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने में स्वैच्छिक रक्तदान की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नागरिकों से नियमित रूप से रक्तदान करने के साथ-साथ अपने समुदायों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक लोगों को इस मानवीय कार्य से जोड़ने का आह्वान किया।

डॉ. एम. श्रीनिवास

उन्होंने बताया कि देश में रक्त संग्रह का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से होता है। उन्होंने सरकार, स्वास्थ्यकर्मियों, गैर-सरकारी संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवा संगठनों से मिलकर रक्त की मांग और उपलब्धता के बीच के अंतर को कम करने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया।


युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. लोवनीश जी. कृष्ण ने देशभर में रक्त आधान सेवाओं को मजबूत करने में स्वैच्छिक रक्तदाताओं, संस्थाओं और संगठनों के योगदान की सराहना की। उन्होंने राष्ट्रीय रक्त नीति के क्रियान्वयन, गुणवत्ता आश्वासन एवं प्रबंधन, ई-रक्तकोष (e-RaktKosh) पोर्टल के माध्यम से रक्तदाता पंजीकरण एवं निगरानी, तकनीकी दिशा-निर्देशों तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. लोवनीश जी. कृष्ण

डॉ. कृष्ण ने रक्तदान के मानवीय पक्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि रक्त की प्रत्येक यूनिट के पीछे एक मरीज, प्रत्येक मरीज के पीछे एक परिवार और प्रत्येक रक्तदाता के पीछे मानवता की भावना जुड़ी होती है। उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान को जिम्मेदार नागरिकता का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।


LHMC ने सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रक्त सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों की निदेशक डॉ. हिमानी अहलूवालिया ने संस्थान की सेवा, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रक्त सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

Dr. Himani Ahluwalia, Director, LHMC and Associated Hospitals
उन्होंने बताया कि LHMC में लगभग 700 पंजीकृत थैलेसीमिया मरीजों को निशुल्क उपचार एवं रक्त आधान सहायता उपलब्ध कराई जाती है। संस्थान द्वारा नियमित रक्तदान शिविर, जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक और सामुदायिक स्तर की विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित किया जा रहा है।


रक्त संग्रह में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों का सम्मान

राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2025 में रक्त संग्रह के प्रदर्शन के आधार पर राज्य रक्त आधान परिषदों को सम्मानित किया गया। पूर्वोत्तर राज्यों में मिजोरम प्रथम और सिक्किम द्वितीय स्थान पर रहा। केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ प्रथम और दिल्ली द्वितीय स्थान पर रहे। अन्य राज्यों की श्रेणी में हरियाणा प्रथम, उत्तराखंड द्वितीय और पंजाब तृतीय स्थान पर रहे।    


रक्तदान सेवा में योगदान के लिए ब्रह्माकुमारीज सहित विभिन्न संस्थाएं सम्मानित

स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने तथा रक्त आधान सेवाओं को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं और संगठनों को भी सम्मानित किया गया। इनमें ब्रह्माकुमारीज सहित थैलेसीमिक्स इंडिया, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद, ऑल इंडिया रेडियो और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जैसे संगठनों को भी सम्मानित किया गया।

Brahma Kumaris and Service Organisations Honoured on National Voluntary Blood Donation Day

ब्रह्माकुमारीज का सम्मान सेवा, सहयोग और मानव कल्याण की उस भावना को रेखांकित करता है, जिसमें आध्यात्मिक जागरूकता के साथ समाजोपयोगी कार्यों को भी महत्व दिया जाता है। रक्तदान जैसे प्रयासों के माध्यम से लोगों को यह संदेश मिलता है कि मानवता की सेवा केवल शब्दों से नहीं, बल्कि जरूरत के समय आगे बढ़कर किए गए सहयोग से भी होती है।


रक्तदान - मानवता के प्रति जिम्मेदारी

हर वर्ष 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ एवं पात्र व्यक्तियों को नियमित रूप से रक्तदान के लिए प्रेरित करना है।

रक्त और रक्त अवयवों की आवश्यकता सर्जरी, दुर्घटनाओं में उपचार, गंभीर एनीमिया, कैंसर एवं रक्त संबंधी बीमारियों, मातृ स्वास्थ्य तथा विभिन्न जीवनरक्षक चिकित्सा प्रक्रियाओं में होती है। चूंकि रक्त का कृत्रिम निर्माण नहीं किया जा सकता, इसलिए जरूरतमंद मरीजों तक रक्त की समय पर उपलब्धता स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भागीदारी पर निर्भर करती है।

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के माध्यम से दिया गया संदेश यही रहा कि रक्तदान किसी एक व्यक्ति की मदद भर नहीं है, बल्कि यह किसी परिवार के लिए आशा और जीवन का आधार बन सकता है। एक बूंद रक्त, किसी के लिए जीवन की नई शुरुआत बन सकती है।

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