नई दिल्ली, 19 अक्टूबर। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने विजयादशमी की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति भवन से जारी संदेश में उन्होंने देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पर्व को धर्म और न्याय की अधर्म एवं अन्याय पर विजय का प्रतीक बताते हुए देशवासियों से भारतीय संस्कृति के उच्च आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि प्रभु
श्रीराम धर्म, नैतिकता और कर्तव्यपरायणता के साक्षात स्वरूप हैं। विजयादशमी हमें सत्य
और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि सभी देशवासी अपनी सांस्कृतिक
विरासत के उच्च आदर्शों का पालन करते हुए विकसित भारत और समावेशी समाज के निर्माण में
योगदान देने का संकल्प लें।
इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति ने सभी देशवासियों
के सुख, आरोग्य और कल्याण की मंगलकामना की।
