उपराष्ट्रपति ने किया नवरात्रि सर्गोत्सवम 2026 का उद्घाटन, विरासत पर दिया जोर

उपराष्ट्रपति ने किया ‘नवरात्रि सर्गोत्सवम 2026’ का उद्घाटन, सांस्कृतिक विरासत सहेजने पर दिया जोर

कोझिकोड, केरल: उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने केरल के कोझिकोड में ‘नवरात्रि सर्गोत्सवम 2026’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत को विकास के साथ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को भी सहेजकर रखना चाहिए।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन कोझिकोड में नवरात्रि सर्गोत्सवम 2026 का उद्घाटन करते हुए।

सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने नवरात्रि को आदि पराशक्ति की दिव्य नारी शक्ति का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि साहस को भय पर, न्याय को अन्याय पर और ज्ञान को अज्ञानता पर विजय प्राप्त करनी चाहिए। भारत की विविध भाषाओं, परंपराओं और पूजा-पद्धतियों को देश की साझा सभ्यतागत विरासत बताते हुए उन्होंने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक मूल्य भारत को पहचान और स्थिरता प्रदान करते हैं, जबकि देश आधुनिकता और प्रगति की ओर आगे बढ़ रहा है।

श्री पीआर राजेंद्रन को स्वर्ग केसरी पुरस्कार से सम्मानित करते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने “संघ नूतनडिले अक्षरा मुद्राकाल” पुस्तक का विमोचन किया और ललित कला में योगदान के लिए श्री पी. आर. राजेंद्रन को ‘सर्ग केसरी पुरस्कार’ प्रदान किया। उन्होंने आयोजन के लिए ‘केसरी वीकली’ की सराहना करते हुए आशा जताई कि यह उत्सव युवाओं और कलाकारों को प्रेरित करेगा।

संघ नूतनडिले अक्षरा मुद्राकाल पुस्तक का विमोचन करते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन।

कार्यक्रम में केरल एवं तमिलनाडु के राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

#CPRadhakrishnan #NavaratriSargotsavam2026 #IndianCulture #CulturalHeritage #EkBharatShreshthaBharat #AbuRajTimes #AbuRaj

और नया पुराने