नशामुक्त बिहार अभियान : CM सम्राट चौधरी ने किया राज्यव्यापी शुरुआत

ब्रह्माकुमारी संस्था सहित सामाजिक संगठनों की सहभागिता पर जोर, युवाओं और जीविका दीदियों को अभियान से जोड़ने का आह्वान

पटना, 27 अक्टूबर, बिहार। बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से पटना स्थित अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलित कर ‘नशामुक्त बिहार अभियान 2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नशामुक्ति को जन-जन का अभियान बनाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।

Bihar CM Samrat Choudhary Deputy CM Vijendra Prasad Yadav flag off Nasha Mukt Bihar Abhiyan vehicle Patna
बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, उप-मुख्यमंत्री श्री विजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री श्री संजय सिंह टाइगर, मद्य-निषेध उत्पाद विभाग के मंत्री श्री मदन सैनी, सचिव श्री संजय कुमार सिंह सहित अनेक अधिकारियों ने हरा झंडा दिखाकर नशामुक्त बिहार अभियान के प्रचार वाहन को रवाना किया।

व्हाट्सऐप चैटबॉट और हेल्पलाइन की शुरुआत

Bihar CM Samrat Choudhary inaugurating Nasha Mukt Bihar Abhiyan by lighting lamp at Adhiveshan Bhawan Patna with ministers
बिहार सरकार द्वारा अधिवेशन भवन, पटना में आयोजित नशा मुक्त बिहार अभियान का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी तथा बिहार सरकार के अन्य मंत्रीगण।

नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा नागरिकों तक आवश्यक जानकारी और सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने विभाग के आधिकारिक व्हाट्सऐप चैटबॉट का उद्घाटन किया। इसके लिए आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर 9473400600 जारी किया गया। कार्यक्रम में नशे के दुष्परिणामों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को नशामुक्त बिहार बनाने की शपथ दिलाई।

एक महीने तक चलेगा जनजागरूकता अभियान

विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि अभियान का शुभारंभ 27 अक्टूबर को हुआ है और यह 25 नवंबर तक संचालित होगा। इसके अंतर्गत पहले सप्ताह में शहरी क्षेत्रों, दूसरे सप्ताह में ग्रामीण क्षेत्रों, तीसरे सप्ताह में दीपावली और छठ के अवसर पर जनजागरूकता तथा अंतिम सप्ताह में विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग, लेखन सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री बोले — युवाओं को नशे से बचाना सामूहिक जिम्मेदारी

Students and representatives of various organizations taking Nasha Mukt oath in Patna Bihar de-addiction campaign
नशामुक्त बिहार अभियान के तहत नशा से मुक्त रहने की शपथ लेते हुए छात्र-छात्राएं एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने सभी को नशा मुक्त जीवन का संकल्प दिलाया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नशामुक्त, स्वस्थ और उज्ज्वल बिहार का निर्माण तभी संभव है, जब आम नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को इस अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लागू शराबबंदी के बाद अब नशे के अन्य स्वरूपों के विरुद्ध भी जनजागरण तेज करना आवश्यक है।

ब्रह्माकुमारी संस्था के योगदान की सराहना

Bihar CM Samrat Choudhary visiting Brahmakumari Nasha Mukti picture exhibition stall Adhiveshan Bhawan Patna
अधिवेशन भवन, पटना में ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा लगाए गए नशा मुक्ति चित्र प्रदर्शनी के स्टॉल का अवलोकन करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी तथा अन्य गणमान्य अतिथि।

मुख्यमंत्री ने ब्रह्माकुमारी संस्था की बहनों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था नशामुक्ति अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संगीता दीदी द्वारा दी गई जानकारी का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्था ने लगभग 15 लाख लोगों को अभियान से जोड़ने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने इस योगदान के लिए संस्था की बहनों को बधाई देते हुए अभियान को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

शराबबंदी के साथ सूखे नशे के विरुद्ध भी अभियान

Bihar CM Samrat Choudhary addressing public meeting Nasha Mukt Bihar Abhiyan launch Patna
नशामुक्त बिहार, स्वस्थ बिहार अभियान के शुभारंभ अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के बाद मादक पदार्थों के सेवन और तस्करी की चुनौती पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने अपने संबोधन में जब्ती के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि चरस की जब्ती वर्ष 2024 में 282 किलोग्राम से बढ़कर 2025 में 400 किलोग्राम, हेरोइन 42 से बढ़कर 65 किलोग्राम और अफीम 10 से बढ़कर 77 किलोग्राम हो गई। उन्होंने संबंधित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता, जनजागरण और प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया।

गांव-गांव तक पहुंचेगा जागरूकता का संदेश

Bihar CM Samrat Choudhary addressing Nasha Mukt Bihar Abhiyan program at Adhiveshan Bhawan Patna government event
बिहार सरकार द्वारा अधिवेशन भवन, पटना में आयोजित नशामुक्त बिहार अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी।

मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में जनजागरण कार्यक्रम, गांवों में नुक्कड़ नाटक, चौपाल और पंचायत स्तर पर बैठकों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जीविका दीदियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। मुख्यमंत्री के अनुसार, युवाओं को नशे से दूर रखकर ही बिहार के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति दी जा सकती है।

मनोज तिवारी का उदाहरण देकर नशे के दुष्परिणाम बताए

Bihar CM Samrat Choudhary visiting Jeevika Didi stall in Adhiveshan Hall Patna Nasha Mukt Bihar Abhiyan
अधिवेशन हॉल में जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में सांसद एवं प्रसिद्ध गायक-अभिनेता मनोज तिवारी का उल्लेख करते हुए कहा कि एक दिन पहले एक कार्यक्रम में मनोज तिवारी ने अपने गांव के दो प्रतिभाशाली कलाकारों का उदाहरण साझा किया था। वे दोनों उनसे बेहतर गाते थे और अभिनय भी अच्छा करते थे, लेकिन नशे की लत के कारण जीवन में पीछे रह गए, जबकि मनोज तिवारी आगे बढ़ गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उदाहरण बताता है कि नशे की लत किस तरह प्रतिभा और जीवन की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, प्रतिभा तथा सकारात्मक कार्यों में लगाने की अपील की।

नशे की लत प्रतिभा और भविष्य को कर सकती है प्रभावित

Bihar CM Samrat Choudhary inspecting de-addiction stalls set up by social organizations at Adhiveshan Hall Patna
अधिवेशन हॉल में अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा लगाए गए नशा मुक्ति जागरूकता स्टॉल का अवलोकन करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी।

मुख्यमंत्री ने एक उदाहरण साझा करते हुए बताया कि प्रतिभाशाली युवा भी नशे की लत के कारण अपने जीवन में पीछे छूट सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर असर पड़ता है। इसलिए विद्यार्थियों, युवाओं और अभिभावकों को मिलकर ऐसा वातावरण बनाना चाहिए, जिसमें नई पीढ़ी शिक्षा, सकारात्मक सोच और रचनात्मक कार्यों को प्राथमिकता दे।

उपमुख्यमंत्री ने बताया — नशामुक्ति स्वस्थ समाज की नींव

उपमुख्यमंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि नशामुक्त बिहार का संकल्प केवल नशे से मुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ समाज, सशक्त परिवार और जागरूक युवा पीढ़ी के निर्माण से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं, पारिवारिक संबंध प्रभावित होते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होती है। इस चुनौती से निपटने के लिए कानून और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ सामाजिक सहभागिता, पारिवारिक सहयोग तथा आत्मबल का विकास भी जरूरी है।

विद्यालयों और महाविद्यालयों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, पटना के सहयोग से राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में नशामुक्ति संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से नशे के बजाय अपने सपनों को चुनने, निराशा के बजाय आत्मविश्वास अपनाने और विनाशकारी आदतों से दूर रहकर रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की।

शिक्षा मंत्री ने युवाओं से किया नशे से दूर रहने का आह्वान

शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि यह आयोजन जनजागरण और बिहार के उज्ज्वल भविष्य का शंखनाद है। नशा युवाओं की ऊर्जा, परिवार की खुशियां और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को अपनी ताकत, अनुशासन को अपनी पहचान और परिश्रम को सफलता का आधार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय जागरूकता के केंद्र बनें तथा शिक्षक युवाओं के मार्गदर्शक और विद्यार्थी नशामुक्ति के संदेशवाहक बनें।

मद्य निषेध मंत्री ने सामाजिक सहयोग पर दिया जोर

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री मदन सैनी ने कहा कि बिहार में 5 अप्रैल 2016 को शराबबंदी लागू करने की पहल को विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संस्थाओं का समर्थन मिला था। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग दस वर्षों में मद्य निषेध विभाग और पुलिस ने करीब साढ़े पांच करोड़ लीटर शराब जब्त की है। मंत्री ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के व्यवहार, संस्कार और पारिवारिक जीवन को प्रभावित करती है। ऐसे लोगों को जागरूक कर सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

शराबबंदी के सकारात्मक परिणामों का किया उल्लेख

विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह ने कहा कि शराबबंदी के बाद जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने शराबबंदी के सकारात्मक परिणामों का उल्लेख करते हुए घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं और कई आपराधिक घटनाओं में कमी आने की बात कही। उन्होंने अभियान को सफल बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

सामाजिक सहभागिता से साकार होगा नशामुक्त बिहार का संकल्प

कार्यक्रम में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव, वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बिहार राज्य गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। अभियान के माध्यम से सरकार का उद्देश्य नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, युवाओं को सकारात्मक दिशा देना और समाज के सहयोग से नशामुक्त बिहार के संकल्प को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।

BK Anupama Didi of Bihar Sharif centre presenting Godly souvenir to Bihar CM Samrat Choudhary at Nasha Mukt Bihar stall Adhiveshan Hall
अधिवेशन हॉल में नशामुक्त बिहार अभियान के तहत लगाए गए स्टॉल का अवलोकन करने के दौरान मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी को परमात्मा का स्मृति चिन्ह भेंट करतीं हुईं बिहार शरीफ सेवाकेंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी अनुपमा दीदी।

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